ऐतिहासिक कारंजा टॉवर के पुनर्निर्माण संघर्ष को मनसे का समर्थन
ऐतिहासिक कारंजा टॉवर के पुनर्निर्माण संघर्ष को मनसे का समर्थन
मुक्त पत्रकार एस.एम. यूसुफ का सम्मान
बीड (प्रतिनिधि): ऐतिहासिक कारंजा टॉवर के संपूर्ण नवीनीकरण के लिए चल रहे संघर्ष को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अपना समर्थन दिया है। इस संघर्ष को आगे बढ़ाने वाले मुक्त पत्रकार एस.एम. यूसुफ का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, हालांकि कुछ अपरिहार्य कारणों से वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रमेशराव गंगाधरे इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
कारंजा टॉवर पुनर्निर्माण की १० सालों से प्रतीक्षा बीड़ शहर की पहचान माने जाने वाला ऐतिहासिक कारंजा टॉवर पिछले १० वर्षों से अपने संपूर्ण नवीनीकरण की प्रतीक्षा में है। लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक इस पर गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस अन्याय के खिलाफ, मुक्त पत्रकार एस.एम. यूसुफ और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रमेशराव गंगाधरे ने १४ फरवरी २०२५ को जिलाधिकारी, मुख्याधिकारी, तहसीलदार और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कारंजा टॉवर के नवीनीकरण की मांग की गई थी। १५ दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे नाराज़ होकर यूसुफ और गंगाधरे ने यह प्रण लिया कि, जब तक कारंजा टॉवर की दुर्दशा समाप्त नहीं होती और उसका संपूर्ण नवीनीकरण नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
मनसे का समर्थन और एस.एम. यूसुफ का सम्मान
इस संघर्ष को देखते हुए, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीड जिला उपाध्यक्ष सदाशिवराव बिडवे और बीड शहर अध्यक्ष अमरजान पठान ने एस.एम. यूसुफ और रमेशराव गंगाधरे के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका सम्मान समारोह आयोजित किया, जो कि कारंजा टॉवर के सामने संपन्न हुआ। हालांकि, रमेशराव गंगाधरे अपरिहार्य कारणों से इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
मनसे का संकल्पः ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा करेंगे
सम्मान समारोह में बोलते हुए सदाशिवराव बिडवे और अमरजान पठान ने कहा कि कारंजा टॉवर केवल बीड शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले की ऐतिहासिक पहचान है। इसे बचाने के लिए संघर्ष कर रहे यूसुफ भाई और रमेश मामा के साथ मनसे हमेशा खड़ी रहेगी।
मुक्त पत्रकार एस.एम. यूसुफ ने अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लेते हुए कहा कि, ज्ञापन देने के बाद कारंजा टॉवर को लेकर वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं में जबरदस्त जागरूकता आई है। स्थानीय नागरिक भी इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता एकजुट होती है, तो अच्छे परिणाम मिलते हैं।
*एस.एम. यूसुफः संघर्ष का प्रतीक*
"एस.एम. यूसुफ न केवल एक स्वतंत्र पत्रकार हैं, बल्कि एक निर्भीक योद्धा भी हैं, जिन्होंने सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की है। उनके प्रयासों से बीड शहर में जागरूकता की लहर दौड़ गई है और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। उनकी निस्वार्थ सेवा, ईमानदारी और अथक संघर्ष को देखते हुए, समाज उन्हें सच्चे जनसेवक और पत्रकारिता के नायक के रूप में देख रहा है।"
इस कार्यक्रम में सय्यद शराफत, हरिभाऊ अपसिंगेकर, शेख सईद, शेख रियाज, अनवर बागवान, फेरोज खान समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
संघर्ष जारी रहेगा
यूसुफ और गंगाधरे के नेतृत्व में यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ऐतिहासिक कारंजा टॉवर का पूर्ण नवीनीकरण नहीं हो जाता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए कब ठोस कदम उठाता है।
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*एस.एम.युसूफ़* (मुक्तपत्रकार)
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